वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी राजस्व से सशक्त हुई उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था, सरकारी खजाना हुआ मजबूत

Uttarakhand की अर्थव्यवस्था में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आबकारी विभाग का योगदान उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी नीतियों, सख्त निगरानी व्यवस्था तथा राजस्व संग्रहण की प्रभावी रणनीतियों के परिणामस्वरूप आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

इस वृद्धि ने न केवल सरकारी खजाने को सशक्त किया है, बल्कि विकास कार्यों को भी नई गति प्रदान की है। प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसी प्राथमिकताओं पर किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को मजबूती मिल रही है।

सरकार का लक्ष्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण सुनिश्चित करना भी रहा है। डिजिटल ट्रैकिंग, लाइसेंस प्रणाली में सुधार और नियमित निरीक्षण के माध्यम से विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि सुव्यवस्थित प्रशासन और ठोस नीति-निर्माण से राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है। आबकारी विभाग की यह उपलब्धि प्रदेश की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में भी इसी प्रकार राजस्व वृद्धि के प्रयास जारी रहेंगे।

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